रांची, 3 अक्टूबर 2025: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देशभर की 54 निजी यूनिवर्सिटीज को डिफॉल्टर घोषित कर दिया है। झारखंड में चार प्रमुख संस्थान इस सूची में शामिल हैं: झुमरीतिलैया की कैपिटल यूनिवर्सिटी, रांची की एमिटी यूनिवर्सिटी, साईं नाथ यूनिवर्सिटी और हजारीबाग की आइसेक्ट यूनिवर्सिटी। यूजीसी एक्ट की धारा 13 के तहत ये संस्थान अनिवार्य जानकारी जमा न करने और वेबसाइट पर पारदर्शी दस्तावेज न अपलोड करने के आरोप में फंस गए हैं।
यूजीसी ने 10 जून 2024 को जारी दिशा-निर्देशों में सभी निजी यूनिवर्सिटीज को पंजीकरण प्रमाण पत्र, रजिस्ट्रार-सत्यापित दस्तावेज, सर्च सुविधा और होमपेज लिंक अपलोड करने का आदेश दिया था। ईमेल, ऑनलाइन मीटिंग्स के बावजूद अनुपालन न होने पर यह कदम उठाया गया। इससे छात्रों की डिग्री मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया पर खतरा मंडरा रहा है। अभिभावक चिंतित हैं कि भविष्य की नौकरियां प्रभावित होंगी।
झारखंड सरकार ने अभी चुप्पी साध रखी है, लेकिन शिक्षा विभाग स्पष्टीकरण मांगेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह उच्च शिक्षा में पारदर्शिता लाने का प्रयास है। एक शिक्षाविद् ने कहा, “छात्रों को यूजीसी वेबसाइट चेक करनी चाहिए।” देश में मध्य प्रदेश (10), गुजरात (8) और सिक्किम (5) सबसे प्रभावित। जुलाई में 23 संस्थानों को ऑम्बड्सपर्सन न नियुक्त करने पर चेतावनी दी गई थी।
यूजीसी ने सुधार के लिए अंतिम मौका दिया है, वरना मान्यता रद्द या जुर्माना हो सकता है। छात्र संगठन वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। यह घटना झारखंड में निजी शिक्षा विस्तार पर सवाल उठाती है, जहां नियमन की कमी बाधा बनी हुई है। उम्मीद है, संस्थान जल्द सुधार करेंगे।