रांची: हजारीबाग वन भूमि घोटाले और उससे जुड़े शराब घोटाले की जांच में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रविवार, 28 सितंबर 2025 को ताबड़तोड़ कार्रवाई की। निलंबित आईएएस विनय चौबे के करीबी और नेक्सजेन एजेंसी के मालिक कारोबारी विनय सिंह के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी हुई। रांची के आनंदपुर स्थित घर, डिबडीह में नेक्सजेन सॉल्यूशन टेक्नोलॉजी कार्यालय, एसएस मेटोजोन शोरूम और पीस रोड अपार्टमेंट में सुबह 6:15 से शाम 6:15 तक यह रेड चली।
एसीबी ने 198 फाइलें, 27 सीपीयू, 1 लैपटॉप, 2 मोबाइल और जमीन-निवेश के दस्तावेज जब्त किए। इनकी साइबर और फॉरेंसिक जांच से घोटाले के नए तथ्य उजागर हो सकते हैं। सुबह अचानक पहुंची एसीबी ने परिवार को हैरान कर दिया। मुख्य द्वार बंद कर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए और फोन इस्तेमाल पर रोक रही। 12 घंटे की कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया।
जांच से पता चला कि विनय चौबे, विनय सिंह के जरिए संपत्ति और व्यवसाय में निवेश करते थे। 2013 में वन भूमि को गलत तरीके से गैर-मजारुआ और निजी जमीन में बदला गया, जो वन अधिनियमों का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट के 1996 के फैसले के बावजूद यह साजिश रची गई।
एसीबी ने इस बार ईडी-सीबीआई की तर्ज पर पहले साक्ष्य जुटाए। जब्त सामग्री से बड़े खुलासे संभव हैं। विनय सिंह जेल में हैं, और उनके भाई अजय सिंह ने गिरफ्तारी को कोर्ट में चुनौती दी है, जिसकी सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी। यह मामला झारखंड में भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण है।