रामगढ़, 23 सितम्बर 2025: राधा गोविंद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती पर “दिनकर का साहित्य और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा” विषयक परिचर्चा का आयोजन हुआ। विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर दिनकर की रचनाओं को वर्तमान परिप्रेक्ष्य से जोड़ा और अपने विचार प्रस्तुत किए।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी. एन. साह ने संदेश देते हुए कहा कि दिनकर ने युवाओं को साहस और आत्मबल का पाठ पढ़ाया। उनकी कविताएँ कठिनाइयों से डटकर सामना करने की प्रेरणा देती हैं। वहीं सचिव प्रियंका कुमारी ने कहा कि दिनकर का साहित्य युवाओं में सकारात्मक संघर्ष की चेतना जगाता है और उनके शब्द आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. मनमीत कौर ने दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर किया। उन्होंने कहा कि दिनकर केवल कवि नहीं, बल्कि युग की अंतरात्मा थे।
परिचर्चा में किशोर कुमार महतो (एम.ए.) ने दिनकर की रचनाओं में सामाजिक समानता और न्याय की पुकार को रेखांकित किया। वहीं प्रीति कुमारी (एम.ए. प्रथम सेम.) ने कहा कि दिनकर की कविताएँ युवाओं को उनकी जड़ों और संस्कृति से जोड़े रखती हैं।
विद्यार्थियों ने दिनकर की कविताओं का वाचन कर कार्यक्रम को राष्ट्रभक्ति और साहित्यिक ओज से भर दिया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. डॉ. अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार एवं विभाग के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन चन्द्रशेखर महतो ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सत्येन्द्र कुमार ने प्रस्तुत किया। समापन संबोधन में डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा ने कहा कि दिनकर का साहित्य युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन में उत्साह और साहित्यिक वातावरण छाया रहा।