झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC से मांगा शिक्षक भर्ती के संशोधित परिणाम पर स्पष्टीकरण

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रांची, 22 सितंबर 2025: झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा 1-5) भर्ती परीक्षा-2023 के संशोधित परिणाम को लेकर तीन सप्ताह में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। यह आदेश याचिकाकर्ता सुदामा कुमार की याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति आनंद सेन की एकलपीठ ने दिया।

JSSC ने 7 सितंबर 2025 को संशोधित परिणाम जारी किया था, जिसमें 4,333 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया। यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश (Govt. of NCT of Delhi & Others v. Pradeep Kumar & Others, Civil Appeal No. 8259 of 2019) के आधार पर किया गया, जिसमें आरक्षित श्रेणी में छूट का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों को अनारक्षित श्रेणी में शामिल न करने का प्रावधान है। हालांकि, याचिकाकर्ता का दावा है कि उन्होंने JTET में 60% से अधिक अंक प्राप्त किए थे और कोई छूट नहीं ली, फिर भी उन्हें संशोधित परिणाम में अनारक्षित और आरक्षित (BC-II) दोनों श्रेणियों से बाहर कर दिया गया।

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश उनके मामले पर लागू नहीं होता, और BC-II श्रेणी के अंतिम चयनित अभ्यर्थी से अधिक अंक होने के बावजूद उनका चयन नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने याचिका को गंभीरता से लेते हुए JSSC से जवाब मांगा है और मौखिक रूप से कहा कि याचिकाकर्ता आरक्षित श्रेणी में पात्र प्रतीत होते हैं।

इस संशोधित परिणाम से कक्षा 1-5 और 6-8 के हजारों पद खाली रह गए हैं, जिससे अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ रहा है। अभ्यर्थी संगठनों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं, और यह मामला आगे चलकर और विवादों को जन्म दे सकता है।