रांची, 19 सितंबर 2025: झारखंड में बालू की किल्लत को दूर करने के लिए आठ साल बाद रांची जिले के 19 बालू घाटों की ई-नीलामी शुरू हो रही है। 18 सितंबर 2025 को होने वाली इस बोली में निजी कंपनियां हिस्सा लेंगी, जो नई बालू नीति के तहत चार ग्रुप में बंटे घाटों-चिरपा, कुरकुरा, इरकिया-सुमानडीह, सुतिलौंग-बादला आदि के लिए बोली लगाएंगी। सफल बोलीदाता 15 अक्टूबर से खनन शुरू करेंगे।
पिछले कुछ वर्षों से बालू की कीमतें 5,000-5,500 रुपये प्रति 100 क्यूबिक फीट तक पहुंच गई थीं, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुए। नीलामी से आपूर्ति बढ़ने और कीमतों में 25-30% कमी (3,500-3,750 रुपये) की उम्मीद है। इससे निर्माण उद्योग को राहत मिलेगी।
2017 से घाटों का निजीकरण रुका था। झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (JSMDC) के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग होती थी, लेकिन ब्रोकरों के कारण कीमतें ऊंची रहीं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों और सर्वेक्षण रिपोर्ट की कमी के कारण कई घाट बंद रहे। अब 444 चिन्हित घाटों में से 58 को मंजूरी मिल चुकी है।
यह कदम अवैध खनन पर अंकुश लगाएगा और पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। सरकार का लक्ष्य सभी घाटों को चालू करना है, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ता बालू मिले और विकास कार्यों में तेजी आए।