“दवाओं के दुष्प्रभावों की जानकारी समय पर देना रोगी सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है”- कुलाधिपति बी. एन. साह
रामगढ़, 17 सितम्बर 2025 : राधा गोविन्द विश्वविद्यालय, रामगढ़ (झारखंड) के फार्मेसी विभाग एवं राधा गोविंद फार्मेसी कॉलेज द्वारा फ़ार्माकोविजिलेंस सप्ताह का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव (Adverse Drug Reaction- ADR) के प्रति आमजन में जागरूकता फैलाना था।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी. एन. साह, सचिव प्रियंका कुमारी, कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार तथा राधा गोविंद फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य साई प्रकाश पाणिग्राही सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण से हुआ।कुलाधिपति बी. एन. साह ने अपने संबोधन में कहा कि “दवाओं के दुष्प्रभावों की जानकारी समय पर देना रोगी सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।”
सचिव प्रियंका कुमारी ने कहा कि “दवा का वास्तविक लाभ तभी संभव है जब उसका जोखिम नियंत्रित हो।” कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि ने फ़ार्माकोविजिलेंस को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ते हुए छात्रों को सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया। कुलसचिव एवं परीक्षा नियंत्रक ने विद्यार्थियों को समाज में जागरूकता फैलाने का सेतु बनने का आह्वान किया। प्राचार्य साई प्रकाश पाणिग्राही ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को ADR रिपोर्टिंग हेतु प्रेरित करना है।
इस अवसर पर पोस्टर प्रेज़ेंटेशन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसका थीम “Adverse Drug Reaction” रखा गया। छात्रों ने आकर्षक व सूचनात्मक पोस्टर प्रस्तुत कर आमजन को दवाओं के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया और संदेश दिया कि हर व्यक्ति को दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव (ADR) की जानकारी संबंधित स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर को अवश्य देनी चाहिए।
कार्यक्रम में फार्मेसी विभाग के शिक्षक- जयिता रॉय, सुरजीत बर्मन, अरूप गोस्वामी, झरना पलेई, शम्भू प्रसाद सिंह, सुमित कुमार, रमा सोनी, सस्मिता बास्के, डॉ. राहुल कुमार, राहुल दत्ता, स्नेहा मोहपात्रा, भाग्यश्री प्रभात, सुजाता कुमारी, प्रसन्ना ज्योति मल्ला, मलय स्वाइन, रंजन घोष, सूर्यनारायण, आलोक कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षिक अनुभव सिद्ध हुआ, बल्कि समाज को स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में प्रेरित करने वाला भी साबित हुआ।