छठ महापर्व को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल करने की दिशा में भारत सरकार सक्रिय

Spread the News

नई दिल्ली, 17 सितंबर 2025: भारत सरकार ने छठ महापर्व को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल करने के लिए व्यापक प्रयास शुरू किए हैं। इस पहल को वैश्विक समर्थन मिल रहा है, जिसमें यूएई, सूरीनाम, नीदरलैंड्स, मॉरीशस, फिजी और नेपाल जैसे देशों ने सहयोग का आश्वासन दिया है।

यह अभियान जुलाई 2025 में चहठी मैया फाउंडेशन के प्रस्ताव से शुरू हुआ, जिसे संस्कृति मंत्रालय ने स्वीकार किया। मंत्रालय ने संगीत नाटक अकादमी (SNA) को निर्देश दिया कि छठ पूजा के लिए यूनेस्को डोजियर तैयार किया जाए। 16 सितंबर 2025 को संस्कृति मंत्रालय ने यूएई, सूरीनाम और नीदरलैंड्स के राजनयिकों के साथ बैठक की, जिसमें बहुराष्ट्रीय नामांकन पर चर्चा हुई। इसके बाद संस्कृति सचिव ने मॉरीशस, फिजी और अन्य देशों में भारतीय राजदूतों के साथ वर्चुअल बैठक कर सहयोग को मजबूत किया।

बिहार सरकार ने इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) को ज्ञान साझेदार बनाया है। इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स (IGNCA) के विशेषज्ञ छठ के रीति-रिवाजों, लोकगीतों और नदी संस्कृति पर दस्तावेज तैयार कर रहे हैं। चहठी मैया फाउंडेशन के चेयरमैन संदीप कुमार दुबे ने कहा, “यूनेस्को टैग से विदेशों में छठ पूजा की मान्यता बढ़ेगी और पूजा स्थलों की अनुमति आसान होगी।”

छठ पूजा, सूर्य और छठी मैया को समर्पित चार दिवसीय पर्व, प्रकृति और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। भारत की 15 धरोहरें पहले से यूनेस्को सूची में हैं, और छठ के शामिल होने से सांस्कृतिक वैभव को वैश्विक पहचान मिलेगी।