चुनाव आयोग ने खारिज किए विपक्ष के आरोप, SIR विवाद पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का सख्त जवाब

Spread the News

नई दिल्ली, 17 अगस्त 2025: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष के ‘वोट चोरी’ और ‘ड्यूल वोटिंग’ जैसे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे विवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सभी राजनीतिक दलों के साथ समान व्यवहार करता है और किसी भी पक्ष या विपक्ष का समर्थन नहीं करता।

ज्ञानेश कुमार ने SIR को मतदाता सूची को शुद्ध करने की कानूनी प्रक्रिया बताया, जो हर चुनाव से पहले अनिवार्य है। उन्होंने कहा, “SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी और सटीक बनाना है। यह प्रक्रिया 24 जून से 20 जुलाई तक पूरी हुई, जो बिहार में 2003 के बाद पहली बार लागू की गई।” उन्होंने विपक्ष के आरोपों को निराधार करार देते हुए कहा कि जब सबूत मांगे गए, तो कोई जवाब नहीं मिला।

आयुक्त ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर देते हुए बताया कि इसमें 1.6 लाख बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) और एक करोड़ से अधिक कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने विपक्ष से मसौदा मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने का आग्रह किया, जिसके लिए अभी 15 दिन का समय बाकी है।

विपक्ष द्वारा मतदाताओं की तस्वीरें और पहचान सार्वजनिक करने की आलोचना करते हुए उन्होंने सवाल उठाया, “क्या हमें किसी मतदाता का CCTV फुटेज साझा करना चाहिए?” उन्होंने यह भी कहा कि 45 दिनों के भीतर चुनाव याचिका दायर न करने पर ‘वोट चोरी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल संविधान का अपमान है।

ज्ञानेश कुमार ने विपक्ष से जमीनी हकीकत को समझने और भ्रामक बयानबाजी से बचने की अपील की, ताकि मतदाताओं का भरोसा चुनाव प्रक्रिया पर बना रहे।