रांची, 13 अगस्त 2025: आदिवासी छात्र संगठन ने 26 अगस्त 2025 को रांची स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के अखड़े में करम पर्व की पूर्व संध्या के उत्सव का आयोजन करने का निर्णय लिया है। संगठन ने इस सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी हैं। संगठन की अध्यक्ष दीपिका कच्छप ने जानकारी दी कि यह आयोजन आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत करने का एक अनूठा अवसर होगा।
पारंपरिक परिधानों में दिखेगा उत्साह
इस समारोह में पांच जनजातीय और चार क्षेत्रीय भाषाओं के प्रतिनिधि अपने पारंपरिक परिधानों में शामिल होंगे। पाहन अखड़े में मुंडारी और कुडुख भाषाओं में सरना पूजा होगी, जिसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का दौर शुरू होगा। इनमें लोकनृत्य, पारंपरिक गीत और सांस्कृतिक प्रदर्शन शामिल होंगे, जो आदिवासी विरासत की झलक पेश करेंगे।
प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक प्रदर्शनों का संगम
कार्यक्रम का पहला हिस्सा सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा, जिसमें खोड़ा, झूमर और कलसा नृत्य प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। विभिन्न हॉस्टलों के छात्र-छात्राएं अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। ढोल-मांदर की थाप और लोकगीतों की स्वरलहरियों से परिसर गूंज उठेगा। दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक नृत्य, गीत, नाटक और वाद्य संगीत की शानदार प्रस्तुतियां होंगी।
सांस्कृतिक संरक्षण के लिए अपील
आदिवासी छात्र संगठन ने सभी छात्रों और संस्कृति प्रेमियों से इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लेकर आदिवासी परंपराओं को संरक्षित करने में सहयोग करने का आह्वान किया है। यह उत्सव सांस्कृतिक एकता और विरासत को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।