12 दिनों के संघर्ष के बाद थमा इस्राइल-ईरान युद्ध, ट्रंप ने बताया कैसे हुई सीजफायर की पहल

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वॉशिंगटन/तेहरान/यरुशलम: पश्चिम एशिया में 12 दिन तक जारी रहे भीषण संघर्ष के बाद आखिरकार इस्राइल और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा कर दी गई है। यह घोषणा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कई पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि दोनों देशों ने उनसे मध्यस्थता की गुहार लगाई थी।

ट्रंप ने लिखा, “इस्राइल और ईरान एक साथ मेरे पास आए और शांति की अपील की। मैंने महसूस किया कि अब सही समय है। यह न केवल दोनों देशों बल्कि पूरी दुनिया, खासकर मध्य-पूर्व के लिए बड़ी जीत है। यदि ये देश अपने धर्म और सच्चाई के मार्ग पर चलेंगे तो उनका भविष्य अत्यंत उज्ज्वल होगा।”

’12 दिवसीय युद्ध’ का जिक्र, 1967 के संघर्ष की याद ताज़ा

ट्रंप ने इस संघर्ष को ‘12 दिवसीय युद्ध’ नाम देते हुए एक ऐतिहासिक संदर्भ भी पेश किया। उन्होंने 1967 के उस युद्ध की ओर संकेत किया जिसे ‘छह दिवसीय युद्ध’ के नाम से जाना जाता है। उस संघर्ष में इस्राइल ने मिस्र, जॉर्डन और सीरिया के खिलाफ निर्णायक सैन्य अभियान चलाया था और कई महत्वपूर्ण इलाकों पर कब्जा कर लिया था। ट्रंप की यह टिप्पणी अरब दुनिया, खासकर फलस्तीनियों के लिए संवेदनशील मानी जा रही है।

तेहरान पर इस्राइली हमले और कूटनीतिक शर्तें

इस युद्धविराम से पहले इस्राइली वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई क्षेत्रों को निशाना बनाया। हमले स्थानीय समयानुसार सुबह 4 बजे तक जारी रहे। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि यदि इस्राइल सुबह 4 बजे तक अपने हमले रोक देता है, तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई बंद कर देगा। इसी शर्त के तहत संघर्ष पर विराम लगाया गया।

अराघची ने यह टिप्पणी ईरान और इस्राइल के बीच युद्धविराम की ट्रंप द्वारा की गई घोषणा पर पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया के रूप में दी। उन्होंने तेहरान समयानुसार सुबह 4:16 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर यह संदेश साझा किया।

कतर ने उड़ानों को फिर से बहाल किया

इस संघर्ष के चलते कतर ने अल उदीद एयर बेस पर ईरानी हमलों के बाद अस्थायी रूप से अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया था। लेकिन अब स्थिति सामान्य होने के संकेत मिल रहे हैं। मंगलवार की सुबह फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा में कतर के हवाई क्षेत्र में वाणिज्यिक उड़ानों की वापसी देखी गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि खतरे की स्थिति टल चुकी है।

शांति की उम्मीदें और चुनौतियां

हालांकि युद्धविराम की घोषणा ने राहत की सांस दी है, लेकिन दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव और वैचारिक मतभेदों को देखते हुए भविष्य में स्थायी शांति को लेकर संदेह बना हुआ है। फिलहाल ट्रंप की इस पहल ने एक बड़ा संकट टालने का कार्य किया है, लेकिन पश्चिम एशिया में स्थिरता की राह अभी भी लंबी है।